Monday, 7 March 2011

एक शराबी का दर्द ................



मैं,मेरा देश,मीडिया.............और शराब...............

आज के हालात को देखते हुए मैंने सोचा आज शाम रंगीन कर ली जाए बहुत दिनों से चारो ओर भ्रष्टाचार का गाना बज रहा था,मनमोहन बदनाम हुआ सोनिया तेरे लिए की तर्ज़ पे,मैंने भी सोचा चलो कुछ आज साकी के दरवाज़े चल के तबियत हरी करते हैं किंतुं जब मयखाने पहुंचा तो साहेबान यहाँ बड़े बड़े शेर गीदड़ बने बैठे थे.सिर्फ आपसी वार्तालाप में सरकार को भ्रष्टाचार वा मंहगाई के लिए कोस रहे थे,मुझसे रहा नही गया एक साहेबान से पूछ लिया

भैया ये आप भ्रष्टाचार वा मंहगाई का रोना क्यों रोते हो? आखिर आप सब शेर हैं और फिर उसपे ऐसा रोना क्यों ?
साहेबान बोले : भाई जान सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार वा मंहगाई तो पूरे हिन्दुस्तान में नही सिर्फ उत्तर प्रदेश पे आई हुई है

मैंने पूछ दिया : भाई ऐसा क्यों कह रहे हो

वो बोले : और क्या भाईजान एक तो ये मंहगाई इतनी हो गयी है कि अब दारु भी पीने के लिए सोचना पड़ता है पता नही सरकार क्यों भ्रष्टाचार के लिए स्विस बैंक का दरवाजा खटखटा रही है? जाने क्यों सुप्रीम कोर्ट सरकार को फटकार लगाती है अगर भ्रष्टाचार देखना है तो कानपुर और उसके आस पास के जिले में आइये और भ्रष्टाचार का आंकडा देखिये कैसे नंबर दो का पैसा कमाया जाता है कैसे टैक्स चोरी होती है?
मैंने कहा : भाई तुम किस बात पे ये भ्रष्टाचार की बात कर रहे हो ये तो सब जगह भगावान विष्णु की तरह व्याप्त है ?
वो बोले: नही भाईजान एक ताज़ा आंकड़ा मेरे से लो आपकी आँखे और पिच्छू दोनों खुल जायेंगी

मैं हँस पड़ा उसकी बात सुनके..वो ऍफ़ एम् रेडिओ माफिक बोला....

सलाम इंडिया...

एक क्वाटर की कीमत आप क्या अंदाज़ लगाते है
मैंने पूछा : कौन सी ?
वो बोला : आप जो पी रहे हैं
मैंने कहा : भाई प्रिंट है ११० रूपए
बोला : ली कितने में
मैंने कहा : १२५ रुपए में
वो बोला : भाईजान कैलकुलेटर उठाइये और जोडिये,
मैंने कहा : ठीक है
वो बोला ; एक ठेके में कम से कम १००० क्वाटर पर डे बिकती है
मैंने कहा : हाँ लगभग १००० बिक जाती है
बोला : एक दिन में १००० क्वाटर गुणा कीजिए १५ का
मैंने कहा : किया
वो बोला : कितना आया
मैंने कहा : १५०००
वो बोला : ऐसे ही हाफ ५०० इन टू ३० रूपए कीजिए
मैंने कहा : हाँ १५००० आया
वो बोला : ऐसे ही बोतल का २०० इन टू ६० कीजिए
मैंने कहा १२००० आया
वो बोला : अब जोडिये
मैंने कहा : हाँ एक दिन की कमाई कच्चे की ४२००० एक ठेके की
वो बोला : ४२००० एक दिन में अब ३६५ दिन का गुणा कीजिए
मैंने कहा : एक करोड़ तिरेपन लाख तीस हज़ार रूपए
वो बोला कानपुर में लगभग कितने ठेके हैं
मैंने कहा : होंगे करीब १०० से १५० के करीब
वो बोला : चलिए सौ मान लीजिये
मैंने कहा : ठीक है
वो बोला अब सौ से इसका गुणा करिए
मैंने कहा : १,५३,३०,००,००० एक अरब तिरेपन करोड़ तीस लाख रुपया सिर्फ साल का...
वो बोला :अब बोलिए भाईजान खाम-खा ये सब स्विस बैंक जा रहे है अरे उत्तर प्रदेश आ जाए देख ले

इसमें ना मीडिया बोलता है ना सरकार ना पब्लिक ना कोई नेता

क्योंकि यहाँ सभी भ्रष्टाचारी है................................
और हम सब इनको बढ़ावा दे रहे हैं क्योंकि

ये पब्लिक है इसको आदत हो चुकी है ....

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