Saturday, 5 March 2011

जी हाँ मैं हिन्दुस्तान का एक बेरोजगार अपनी बात कहना चाहता हूँ ....

जी हाँ मैं हिन्दुस्तान का एक बेरोजगार अपनी बात कहना चाहता हूँ मैं जानता हूँ आप सब मेरी बातों को अन्यथा ले जायेंगे क्योंकि मेरा वैचारिक एकीकरण आपके जेहन में एक प्रहार सा कर सकता है,

मैं अक्सर सोचता हूँ कि अगर इस देश में देखा जाये तो सर्वाधिक योगदान युवाओं ने दिया है किंतुं युवाओं को ये देश क्या दे रहा है,युवा जो आर्थिक मानसिक,सामाजिक, रूप से देश में सक्रिय रहता है किन्तु क्या कभी किसी ने युवाओं के हालात पर गौर करने की ज़हमत उठाई है,हम युवा,देश की, समाज की,क्रांतिवीरों को बातें करते हैं आज के हालत की बाते करते हुए आपसी विचारधारा में उलझ जाते हैं क्योंकि हमे बचपन से ही उलझाया जाता है बचपन में ही इतिहास के उन पन्नो में जिसमे पिछली पीढ़ी के क्रांतिवीरों ने अपनी कुर्बानियां दी, उनके बारे में बताया जाता है कि किस प्रकार देश के वीरों ने अंग्रेजों के पैर उखाड़ फेकें,क्योंकि गोरों को हमारे देश में अत्याचारी,हिंसक, अशिष्ट, और भी ना जाने क्या क्या कहा गया है और युवा क्रांतिवीरों को जिन्होंने इस देश के सम्मान के लिए अपना सर्वस्य न्योछावर किया, उनको क्या दिया, सिर्फ चौराहों पे एक बुत बना के खड़ा कर दिया जिसपे पशु -पक्षियों को अपना पेट हल्का करने की सुविधा निशुल्क दी गयी, बहुत हँसी आती है जब किसी पार्टी को धरना प्रदर्शन करना होता है तो वो पार्टी इन बुतों के बगल में खड़े होकर जिंदाबाद मुर्दाबाद के नारे लगाते हैं किंतुं एक लोटा पानी इन शहीदों के नाम नही देते,मुझे आज भी याद है स्वर्गीय राजीव गांधी देश के युवा नेता के रूप आये और स्वर्गीय इंदिरा जी के बाद प्रधान मंत्री बने तो उन्होंने सबसे पहले इस देश में कम्प्यूटर और सूचना तन्त्र के आगे बढाया अगर वो उस समय ऐसा ना कर गये होते तो आज भी हम सब मिटटी के तेल के दिए अपने घर में जला रहे होते,और बैलगाड़ियों से चल रहे होते उस समय राजीव जी ने एक बात बोली थी कि दिल्ली से चला एक रुपया गरीबों तक पहुचते पहुचते पंद्रह पैसे में तब्दील हो जाता है, तब हम सबको देखना चाहिए था कि अपने देश का प्रधानमंत्री ही नही अपने देश का एक अदना नेता भी युवा होना चाहिए कि कम से कम देश तरक्की करेगा और युवा वर्ग कहीं ना कहीं अपना मार्ग खोज कर लेगा,

किंतुं बहुत शर्म की बात है हम युवा आज भी उन्ही पुरानी विचारधारा में जी रहे हैं कि मैं कांग्रेसी मैं भाजपा का या मैं फलानी पार्टी से सम्बन्ध रखता हूँ अरे आप ही बताएं आपकी पार्टी में युवा कितने हैं और युवाओं के लिए आपकी पार्टी ने अपनी विचारधारा के अंतर्गत क्या किया सिर्फ अपनी पार्टी को आगे बढाने के लिए बाबरी मस्जिद का विध्वंस कराया, अपनी पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए युवा वर्ग को विशेष ट्रेनिग दे कर उनके मन में देश के खिलाफ जहर बोया गया या तो उन्हें आतंकवादी बनाया गया या नक्सलवादी, क्योंकि विदेश में बैठे आकाओं को युवाओं की कार्य क्षमता पे पूरा विश्वास है कि युवा वर्ग पीछे नही हटता किंतुं युवा कभी अपने लिए नही सोच रहा है वो सोच रहा है कि मैं दबंग का सलमान खान हूँ बैक कालर में चश्मा टांग के चौराहों पे खड़े होके लडकी देख फब्तियां कसने को कहो किसी को बहन बेटी माँ की गाली देने को कहो बीयर की बाटल लेकर सिगरेट से धुवाँ के छल्लों के बीच से धुवाँ निकालने को बोलो मगर देश के लिए मत बोलो,ना संस्कृति के लिए,क्योंकि युवाओं को चिंता नही है कि हम सब कहाँ जा रहे हैं, मैं ना राहुल गांधी को गलत ठहराता हूँ ना वरुण गांधी को ना एनी किसी युवा नेता को बस इतना जानता हूँ कि

ये देश ये बुड्ढे बेच के खा जायेंगे और हम सब जनखों के माफिक बैठ कर ताली बजायेंगे, मैं ये नही कहता कि आप किसी पार्टी विशेष को देखो मैं तो ये कहता हूँ अपना भविष्य देखो एक हो अपनी युवा सरकार खुद बनाओ जिस देश में युवा पद पे होंगे ये सारी समस्याएं नब्बे प्रतिशत अपने आप खत्म हो जायेंगी क्योंकि इन बुड्ढों के पास रुपया पचाने कि क्षमता हम युवाओं से ७० प्रतिशत अधिक है कि एक जादूगर के माफिक रुपया गायब.हज़म हो गया और कानून कि लचर व्यवस्था जब तलक देखेगी तब तलक २५० करोड़ रुपया सी बी आई की जांच में खत्म मामला वही बेफोर्स तोप वाला ढाक के तीन पात.....

सिर्फ ये देखिये अगर आपका लीडर जिसको आप चुनाव लडवा रहे हैं उसकी शिक्षा के साथ साथ उसकी उम्र ४० साल के अन्दर हो शिक्षा कम से कम पोस्ट ग्रेजुएट हो इससे नीचे नही अगर आप सब ऐसा नही कर सकते तो रोईये नही कि मैं बेरोजगार भ्रष्टाचार हाय मंहगाई, कुछ नही कर सकते हम सब क्योंकि हम सब अपनी नैया डुबाने का खुद अधिकार रखते हैं क्योंकि हम सब आज़ाद हैं और हम सब आदी या नशेबाज़ हो चुके हैं की हमारे खुजली है मारो मेरी...................

1 comment:

  1. govind,
    aaj hin shayar family par ise padhi. bahut achha likha hai aapne. desh ke utthaan ke liye zaroori hai ki desh ki raajniti mein yuva shaamil ho aur netaaon dwara gumraah na hokar apni soch aur samajh se raajniti karen. achha aalekh shubhkaamnaayen.

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