Friday, 25 February 2011

होश खोते रहे उनके होठों में भी प्यास हो........



 
मुद्दत से मुन्तजिर रहे जिसके,
जब उनसे मुलाक़ात हो,

पूनम की रात हो
चांदनी की बरसात हो

खामोश हो तहाइयां
और एक जरुरी बात हो

बाहों का आशियाना हो
सुन्दर ख्यालात हो
खुलूसो-प्यार का मरहम हो
कुर्बत की महकात हो

होश खोते रहे उनके
होठों में भी प्यास हो

खुश्बू घुलें फ़ज़ाओं में
दिलकश से हालात हो

ना रहे ताबीर मुश्किल
दुआओं की सौगात हो

मिट जाएँ दूरियाँ दिल की
प्यार की दो बात हो

काश .....

प्यासा ना रहे समुन्दर भी
ज़न्नत से लम्हात हो

"अजीब' भी मुतमईन रहे
जो लबो की बरसात हो


 

 

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